अमेरिका में स्थित प्रसिद्ध इमारतों में सबसे प्रसिद्ध स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिमा है । इस ऐतिहासिक प्रतिमा को यूनेस्को साल 1984 में विश्व घरोहरों की सूची में शामिल कर चुका है । पूरी दुनिया से हर साल लाखों की संख्या में टूरिस्ट इस विशाल - सुंदर प्रतिमा को देखने आते हैं ।
यह विशाल प्रतिमा एक महिला की है , जिसने अपने एक हाथ में मशाल और दूसरे में एक किताब पकड़ी है ।
कहां है
यह विशाल प्रतिमा एक महिला की है , जिसने अपने एक हाथ में मशाल और दूसरे में एक किताब पकड़ी है ।
कहां है
स्थित स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी , अमेरिका देश के न्यूयॉर्क में हार्बर के पास एक छोटे से टापू पर स्थित है । यह जिस टापू पर बना है , उसे लिबर्टी आइलैंड कहा जाता है । इस प्रतिमा को सन् 1886 में फ्रांस ने अमेरिका को अपनी मित्रता प्रतीक के रूप में भेट किया था । स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी का पूरा नाम है लिबर्टी एनलाइटिंग द वर्ल्ड यानी स्वतंत्रता संसार को शिक्षाप्रद - प्रकाशित करती है ।
प्रतिमा की विशेषताएं
- स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को बनने में नौ साल से कुछ ज्यादा का समय लगा था ।
- इसकी ऊंचाई करीबन 22 मंजिला इमारत के बराबर है । मूर्ति के आधार से लेकर मशाल के शिखर तक की कुल ऊंचाई 306 फीट है । वहीं , मूर्ति के पैरों से लेकर इसके मशाल वाले हाथ तक की लंबाई 151 फीट 1 इंच है । इस स्टेच्यू का वजन 225 टन है ।
- स्टेच्यू के सिर पर एक ताज है , जिस पर से सात नुकीली कीलें निकली हुई हैं । ये संसार के सात महाद्वीपों को दर्शाती हैं । एक कील की लंबाई 9 फीट और वजन 68 किलो है । ताज पर 25 खिड़कियां भी हैं , जो धरती के रत्नों को दर्शाती हैं ।
- स्टेच्यू के ताज तक पहुंचने के लिए जमीन से 354 घुमावदार सीढ़ियां बनी हैं ।
- स्टेच्यू के दाएं हाथ पर एक मशाल है । यह मशाल वर्ष 1876 में सबसे पहले बनकर तैयार हुई थी । लेकिन प्रथम विश्व युद्ध में मशाल क्षतिग्रस्त हो गई , इसको दोबारा ठीक किया गया । फिर पुरानी मशाल को सन् 1984 में ताबें की मशाल से बदला गया जिस पर 24 किलो सोने की परत चढ़ी है ।
- स्टेच्यू के बाएं हाथ में एक किताब है , जो 23 फीट 7 इंच लंबी और 13 फीट 7 इंच चौड़ी है । किताब पर JULY IV MDCCLXXVI ( रोमन में 4 July , 1776 ) लिखा हुआ है , जो अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस है । + स्टेच्यू का बुनियादी ढांचा लोहे का है , जबकि बाहर से 2 पैनी ( अमेरिकन सिक्के ) जितना मोटा हिस्सा तांबे से बना है । शुरुआत में स्टेच्यू भूरे रंग का था , लेकिन 30 साल बाद रासायनिक प्रक्रिया के कारण इसका रंग हरा हो गया ।
- स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी मूर्ति को रोमन देवी ( लिबर्टस ) से प्रेरणा लेकर बनाया गया है । क्योंकि उन्हें स्वतंत्रता की देवी माना जाता है , जबकि मूर्तिकार ने इसका चेहरा अपनी मां के जैसा बनाया है ।
- स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को बनाने में 5 लाख डॉलर खर्च हुए थे ।
- देश - विदेश से हर साल तीस लाख ज्यादा लोग स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को देखने आते हैं

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