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विश्व की सबसे बड़ी छिपकली कोमोडो ड्रेगन । komodo dragon

कोमोडो ड्रैगन दुनिया की सबसे बड़ी छिपकली है । इसकी लंबाई तीन मीटर और वजन 180 किलो तक होता है । कोमोडो ड्रैगन की जीभ सांप की जीभ के समान आगे से फटी हुई होती है । इसके नाखून और दांत बहुत पैने और जबड़े बहुत ही मजबूत होते हैं । अपनी लंबी मांसल पूंछ की कोड़े जैसी मार से यह अपने शत्रुओं को घायल कर देती है । इसका शरीर कठोर शल्कों से ढका होता है । कोमोडो ड्रैगन एक प्रकार की गोह है । यह मरे हुए जानवरों का मांस खाती है । मुख्यतः यह उसके छिपकली , कीड़े - मकोड़े , पक्षी , सांप , सिरे हिरण , बकरी , जंगली सूअर आदि दांत का शिकार करती हैं । करीब 500 किलो वजन की भेंस तक को मार सकती है । यह बच्चों , बूढ़ों और बीमार मनुष्यों पर भी हमला कर चुकी है । कोमोडो ड्रैगन एक सफल शिकारी है । इसके लचीले मसूड़ों में 60 से अधिक आरीदार किनारों वाले , मुंह के अंदर की ओर मुड़े हुए तेज धार वाले दांत होते हैं । ये दांत उसके जीवनकाल में पांच बार नए सिरे से उगते हैं । कोमोडो ड्रैगन के दांत शार्क मछली के दांतों के समान होते हैं । माना जाता है कि कोमोडो ड्रैगन के द्वारा जरा - सा काटे जाने पर भी मृत्यु हो जाती है चूंकि यह सड़ा...
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स्विट्जरलैंड में जमीन में गाड़े जा रहे हैं दो हजार अंडरवियर ⎸Marcel von dey Heiden

मिट्टी से अंडरवियरको निकालने के बाद उसके प्राकृतिक रेशों के मिट्टी में मिलने का विश्लेषण डिजिटल तौर पर होगा , अंडरवियर में ज्यादाछेद होंगे तो इसका मतलब हुआ मिट्टी स्वस्थ है  मिट्टी की गुणवत्ता जांचने के लिए वैज्ञानिक तरह तरह के प्रयोग करते हैं.कभी मिट्टी को प्रयोगशाला में जांचा जाता है तो कभी खेत में . अब स्विट्जरलैंड में एक प्रयोग के तहत दोहजार अंडरवियर मिट्टी में गाड़ेजा रहे हैं . स्विट्जरलैंड में खेत और बाग मालिक मिट्टी की गुणवत्ता के अध्ययन के लिए दो हजार सफेद अंडरवियर गाड़ रहे हैं . देश की अनुसंधान संस्थान एग्रोस्कोप स्वैच्छिक अध्ययन में शामिल लोगों को दो जोड़े सफेद अंडरवियर मिट्टी में दफनाने के लिए भेज रही है . बाद में इन अंडरवियरोंकीजांचकीजाएगी , यह देखने के लिए कि छोटे जीवों द्वारा कपड़ा कितना नष्ट हुआ . छोटे जीवों द्वारा कपड़ा कितना नष्टहुआ , इसकी होगी जांच इस प्रोजेक्ट के  मार्सेल फॉन डेय हेइडन प्रमुख कहते हैं , यह मिट्टी की गुणवत्ता का एक संकेतक है . इकोलॉजिस्ट हेइडन बताते हैं कि इस तरह का प्रयोग कनाडा में किया जा चुका है लेकिन इस स्तर पर नहीं हुआ . यह पहले से ही ...

ऐसे हुआ जीन्स का जन्म । How jeans were invented

 जीन्स पैंट फैशन की प्रतीक मानी जाती है । कई मनमोहक रंगों में उपलब्ध जीन्स को हर आयु वर्ग के स्त्री - पुरुष बड़े उत्साह से स्टाइलिश दिखने के लिए पहनते हैं । लेकिन जीन्स का पहनावा मूल रूप से मेहनतकशों और कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों और नाविकों से संबंध रखता है । औद्योगीकरण के बाद यूरोप में कामगारों और नाविकों के लिए ऐसे परिधानों की जरूरत महसूस की गई , जो मजबूत हों और देर से फटें । सोलहवीं सदी में यूरोप ने भारतीय मोटा सूती कपड़ा मंगाना शुरू किया । जिसे डुंगारी कहा जाता था । बाद में इसे नील के रंग में रंग कर मुंबई के डोंगारी किले पास बेचा गया था । नाविकों ने इसे अपने अनुकूल पाया और इससे बनी पतलूनें पहनने लगे । कंधे से लेकर पाजामे तक का यह परिधान डंगरी कहलाता है । लगभग ऐसा ही परिधान कार्गो सूट होता है । जिसे नाविक और वायुसेवाओं के कर्मचारी पहनते हैं । डंगरी के कपड़े और जीन्स में फर्क यह होता है कि जहां डंगरी में धागा रंगीन होता है । वहीं , जीन्स को तैयार करने के बाद रंगा जाता है । आमतौर पर जीन्स नीले , काले और ग्रे शेड्स में होती हैं । इन्हें जिस नील से रंगा जाता था ।  वह भ...

वाटर टावर हाउस । Water tower house

  हम तुम्हे देश और दुनिया के अजब - अनोखे घरों के बारे में बताते रहे है । आज हम तुम्हे वाटर टावर शेप में बने एक अनोखे घर के बारे में बता रहे है । कई विशेषताओं की वजह से यह वाटर टावर हाउस पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है  तुमने अपने घर के आस पास वाटर टावर यानी पानी की विशाल टंकी देखी होगी । इनमें काफी मात्रा में पानी को स्टोर करके आप - पास के घरों में पहुंचाया जाता है । लेकिन तुम्हें यह जानकर अचरज होगा कि यूरोपीय देश बेल्जियम में एक पुराने वाटर टावर में एक घर बना है । इसका नाम ओल्ड वाटर टावर हाउस है । जानो , इस अनोखे , खूबसूरत घर के बारे में । कहां है स्थितः यह अनोखा घर बेल्जियम के स्टीनोककरजेल में स्थित है । यह घर असल में एक पुराना वाटर टावर है , जिसको मॉडिफाई करके घर का रूप दिया गया है । इस घर का नाम ओल्ड वाटर टावर हाउस है । वर्ष 2009 में यह अनोखा घर 2.1 मिलियन डॉलर के खर्च में बनकर तैयार हुआ ।  मुख्य विशेषताएं :              ओल्ड वाटर टावर की ऊंचाई 98.4 फीट है । इसका निर्माण सन् 1938 से 1941 के बीच हुआ । घर बनने से पहले द्वितीय विश्व युद्ध क...

बस्तर की संस्कृति परम्परा से समझने की आवश्यकता । Need to understand the culture tradition of Basta

छत्तीसगढ़ के दक्षिण में स्थित बस्तर अत्यंत सुरम्य और वनों से ढका हुआ क्षेत्र हैं । वातावरण भी शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक है । छत्तीसगढ़ के अन्दर जब भी बस्तर की चर्चा होती है उसके साथ ही अलग प्रकार की छवि मानस पटल पर उभकर आती है । वनों से अच्छादित धरती ऊंचे - ऊंचे पहाड़ों की चोटियां और साल , सागौन के पेड़ दिखाई देते हैं । जिधर जाएंगे छोटी बड़ी नदी - नालों की कलकल की ध्वनि सुनाई देती है । जिसके कारण मन आकर्षित हुए बिना नहीं रहती है । यहां निवास करने वाले जनजाति समाज के बन्धु अत्यंत सरल , सज्जन और सत्कार करने वाले सहृदय हैं । इनके स्वस्थ एवं श्रेष्ठ परंपरा तथा.धार्मिक केंद्र भी अनोखा है ।          गांव में गुड़ीघर जहां पर ग्राम के देवता का स्थान होता है । गांव में निवासरत सभी वहां कोई भी नई फसल अथवा वनोपज को देवता को समर्पित करके ही उपयोग करते हैं । चाहे महुआ , डोरी , चार , ईमली , साल के बीज आदि वनोपज तथा कृषि का भी धान मड़िया , कोदों -कुटकी , सावा , उड़द इन सभी अनाज को भी समर्पित किए बिना उपयोग में नहीं लाते । यहां के बुजुर्ग - सियान लोग भोजन के थाली से भी अपने देवता...

स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी । Statue of Liberty

अमेरिका में स्थित प्रसिद्ध इमारतों में सबसे प्रसिद्ध स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिमा है । इस ऐतिहासिक प्रतिमा को यूनेस्को साल 1984 में विश्व घरोहरों की सूची में शामिल कर चुका है । पूरी दुनिया से हर साल लाखों की संख्या में टूरिस्ट इस विशाल - सुंदर प्रतिमा को देखने आते हैं ।  य ह विशाल प्रतिमा एक महिला की है , जिसने अपने एक हाथ में मशाल और दूसरे में एक किताब पकड़ी है । कहां है यह विशाल प्रतिमा एक महिला की है , जिसने अपने एक हाथ में मशाल और दूसरे में एक किताब पकड़ी है । कहां है स्थित स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी , अमेरिका देश के न्यूयॉर्क में हार्बर के पास एक छोटे से टापू पर स्थित है । यह जिस टापू पर बना है , उसे लिबर्टी आइलैंड कहा जाता है । इस प्रतिमा को सन् 1886 में फ्रांस ने अमेरिका को अपनी मित्रता प्रतीक के रूप में भेट किया था । स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी का पूरा नाम है लिबर्टी एनलाइटिंग द वर्ल्ड यानी स्वतंत्रता संसार को शिक्षाप्रद - प्रकाशित करती है ।  प्रतिमा की विशेषताएं   स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को बनने में नौ साल से कुछ ज्यादा का समय लगा था ।  इसकी ऊंचाई करीबन 22 मंजिला इमारत ...

ग्लोबल कॉर्पोरेट मिनिमम टैक्स । Global Corporate Minimum Tax

वैश्विक कॉर्पोरेट कर की न्यूनतम दर के निर्धारण से कम्पनियों के बीच अत्यधिक व न्यूनतम कर की प्रतिस्पर्द्धा समाप्त होगी , वे नवाचार और कुशलता के आधार पर प्रतिस्पर्धा करेंगी । दुनिया भर में सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कम्पनियां आसानी से कर भार से बच निकलती हैं । चार महाद्वीपों से पांच अलग - अलग अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वित्त मंत्री बता रहे अ चानक आए प्रौद्योगिकीय परिवर्तन , बड़ी कम्पनियों के बाजार में बढ़ते प्रभुत्व और पूंजी के चलायमान होने के चलते कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आज प्रत्येक राष्ट्र असमानताओं की समस्या का सामना कर रहा है । सदी का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट पहले ही विश्व की अर्थव्यवस्थाओं के लिए चुनौती बना हुआ है , खास तौर पर लोक वित्त के संदर्भ में , वह भी असाधारण रूप से । कुछ देश कोरोना संकट से उबरने लगे हैं , जबकि अब भी कई देश इस महामारी का मुकाबला करने में जुटे हैं । विभिन्न राष्ट्रों के वित्त मंत्रियों की दो प्रमुख चिंताएं हैं , जो उनके देशों की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा साबित हो सकती हैं , भले ही ये अर्थव्यवस्थाएं एक - दूसरे से भिन्न प्रकृति की हैं  ...